जय माता दी मैं आज माँ वैष्णोधाम की बात करने जा  रही हूँ,  जि हा माँ वैष्णोधाम जहाँ जाते ही मनुष्य के मन का सारा चिंता रूपी बोझ उतर जाता हैं और मनुष्य अपने आप को चिंता मुक्त पाता हैं. वह काफी हल्का महशूश करता है. यह बाते आपको मैं अपने अनुभव से बता रही हूँ. मैं खुद 3 बार माँ के दरबार में हाजरी लगा चुकि हूँ.वहा जाते ही एक अलग सी अनुभूती होती हैं मानो हम किसी दूसरे संसार में आ गए हो. मन प्रसन्न चित्त रहता हैं. सारी चिंताएं दूर हो जाती हैं किसी तरह की समस्या का आभास तक नहीं होता. ऐसा लगता हैं कि बस यही रह जाउ वहा से वापस आने का मन ज़रा भी नहीं होता हैैं. 



मैं तो कहुँगी कि अगर आप लोग कभी गए नहीं हो या वहा जाने का सोच रहें हो तो एक बार जरूर जाए माँ के दरबार,  जब आप एक बार माँ के दरबार हाजरी लगाओगे, तो खुद ही आपका मन दूसरी बार जाने का करने लगेगा. पहली बार जाने वालो के मन में थोड़ा संकोच रहता हैं की कैसे चढ़ाई करेगें माँ के दरबार में जाने के लिए खड़ी चढ़ाई हैं. ना ना तरह के ख्याल आते हैं. लेकिन यकिन मानिए माँ के जयकारे लगाते हूए पता भी नहीं चलता की कब पूरी चढ़ाई चढ़ गए और माँ का दरबार आ गया. एक तरह से चमत्कार ही करती हैं माँ वैष्णो रानी. इतनी लम्बी चढ़ाई चढ़ने के बाद जब माँ का भवन नज़र आता हैं तब ऐसा लगता हैं मानो कोई जंग जीत ली हो. वह नजा़रा देखकर मन बहुत खुश हो जाता हैं. तो दोस्तो थोड़ा समय निकालकर माँ के दर्शन को जरूर जाए. मैं आपको इस पोस्ट के ज़रिए वहा की कुछ बाते बताना चाहती हूँ जो पहली बार जाने वालो के लिए काम आएगी.तो चलिए शूरु करते हैं........ 

50 हजार श्रद्धालु ही एक बार में जाते हैं

माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए पहले ऐसे कुछ नियम वगैरा नहीं थें लेकिन बाद में माँ के दरबान में श्रृद्धालुओ की भिड़ काफी बढ़ने लगी जिसके चलते माँ वैष्णो देवी का सारा जिम्मा श्राइन बोर्ड  ने ले लिया. अब उन्होंने  कुछ नियम बना रखे हैं. श्राइन बोर्ड के  निर्दश अनुसार वैष्णो देवी यात्रा के लिए अब एक दिन में केवल पचास हजार श्रद्धालु ही दर्शन के लिए जा सकते हैं. 

माँ के दरबार में प्रतिवर्ष हजारो की तादाद में लोग देश-विदेश से माता वैष्णो देवी के मंदिर में आते हैं. प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु की तादात बढ़ती जाती है. आपकी जानकारी के लिए बता दू कि माता के दर्शन के लिए अगर आप जाना चाहते हैं,  तो वहा जाते ही आपको कटरा में स्थित श्राइन बोर्ड कार्यालय से पर्ची कटवा कर ही यात्रा शुरू करनी पड़ती है. यदि आपने ये पर्ची लिए बिना ही यात्रा शूरु की तो आपको चेकपोस्ट से आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा. आपको दुबारा वापस आकर पर्ची लेकर फिर यात्रा शूरु करनी होगी. येसे में आपका समय बरबाद होगा और थकान भी बहुत हो जाएगी इसलीए ऐसी गलती न करे, और एक बात जान लिजीए कि यदि  वहा यात्रियों की संख्या अधिक हुई तो हो सकता है कि आपको वहीं रुकना पड़े, और ऐसी स्थिति में आपको यात्रा के लिए अगले दिन ही पर्ची मिले.भीड़ ज्यादा होने के चलते कटरा के पंजीकरण कार्यालय में यात्रा की पर्ची देना बंद करदी जाती हैं.  इसलीए ऑन लाइन पर्ची लेना ज्यादा लाभकारी रहता हैं. तो मित्रो माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो आपके लिए ये बातें ध्यान में रखना बेहद जरूरी है.

पर्ची लेने के बाद आपकी माँ वैष्णो की यात्रा बाण-गंगा से होते हूए शूरु होती हैं. बस फिर क्या हैं माँ के जय कारे लगाइए और चलते जाइए. रास्ते में आपको बहुत सारी नाश्ते पानी के लिए दुकाने भी मिल जाएगी.  वहा खाने पीने की कोइ समस्या नहीं होती मेडिकल, डॉक्टर भी मौजूद रहते हैं.जब आप चलना शूरु करोगे तो रास्ते भर माँ के प्रसाद से दूकाने सजी हूई नज़र आएगी.खुबसूरत पहाड़ीयो  के बीच माँ का भवन बहूत सूंदर दिखाई देता हैं. 

पहाड़ो का मौसम कभी भी बदल जाता हैं


वैष्णो माता के दरबार जाते समय अगर आपके साथ में छोटे बच्चे या बुजूर्ग हो तो इस बात का विशेष ध्यान रखे की पहाडो का मौसम कभी भी बदल सकता हैं अचानक बीन मौसम बारिश भी होने लगती हैं.  वहा हमेशा मौसम ठण्डा बना रहता हैं, आप बच्चों के लिए अपने साथ गर्म कपड़े ले जाए तो आपको पहाड़ो में परेशान नहीं होना पड़ेगा. 

कब जाएं


वैसे तो वैष्णो माता का दरबार वर्ष भर भक्तो के लिए खुला रहता है पर बरसात के मौसम में चट्टाने खिसकने का काफी डर लगा रहता हैं, और सर्दी मे  भारी मात्रा में बर्फ बारी के कारण यात्रा थोड़ी कठिन हो जाती है. लेकिन इन सभी समस्याओं के बावजूद भक्त माँ के दरबार में हजारो की तादात में जाते हैं.यदि आप चढ़ाई चड़ने में खुद को असमर्थ पाते हैं तो घबराइए नहीं वही के रहवासी कुछ पैसे लेकर आपको बघी या पिठ्ठु पर बैठा कर पहुँचा देते हैं. 

कैसे जाए


अगर आप हवाई जहाज से जाना चाहते हैं तो जम्मू का रानीबाग एयरपोर्ट वैष्णो देवी के पास  है, यदि सड़क मार्ग से जाना चाहते हैं तो वैष्णो देवी के लिए जम्मू से कटरा के लिए बस या टैक्सी सर्विस आसानी से मिल जाती है. आजकल कई ट्रेनें भी कटरा के लिए जाती हैं. दोस्तो अगर आप माँ के दर्शन के लिए जाते हैं तो आपकी यात्रा मंगलमय हो. 

जय माता दी 

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