दोस्तों दुनियां में दो तरह के लोग होते है एक आस्तिक जो भगवान को मानते है उन्हें ये लगता है की भगवान कही न कही है और वह हमे देख रहे है  लेकिन जो दूसरे तरह के लोग होते है  वह कहलाते है नास्तिक जिनको जरा भी नहीं  लगता की इस दुनियां में भगवान है. लेकिन दोस्तों ये आर्टिकल उन्हीं लोगो के लिए है जिन्हें भगवान के प्रति सच्ची आस्था है. दोस्तों आपके घर में भगवान की  मूर्तियां,तस्वीरें तो  जरुर होंगी, लेकिन बहुत ही कम लोग  जानते होंगे कि कुछ भगवान की तस्वीरें या मूर्तियां घरों में नहीं रखनी चाहिए . आज हम आपको भगवान  के बारे में बताने जा रहे हैं की उन्हें घर रखते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए. 



ये तो आप जानते है होंगे की मंदिर हमेशा साफ-सुथरा ही रखना चाहिए ताकि देवी-देवता हमेशा हमसे खुश रहे.  देवी-देवता को लेकर कुछ ऐसे भी नियम है जिसे कई लोग नहीं जानते है तो चलिए जान लीजिये की वह क्या है -


पीठ का दिखना शुभ नहीं 


अपने मंदिर में भगवान की मूर्ति  इस तरह रखिये  कि इनके पीछे का भाग यानि पीठ दिखाई नहीं दे. आपको बता दे की भगवान की पीठ का दिखना बिलकुल शुभ नहीं माना जाता है इसलिए मूर्ति को हमेशा मंदिर में व्यवस्थित रखे.


खंडित मूर्ति न रखे 


दोस्तों  कहते है की  खंडित मूर्ति में देवता का वास नहीं होता साथ ही मूर्ति खंडित हो जाए तो उसके दर्शन करना भी अच्छा नहीं माना जाता  है. ऐसी मूर्ति के दर्शन या पूजा करने से अशुभ फल प्राप्त होते है. ऐसी खंडित मूर्तियों को जल में प्रवाहित करना ही बेहतर रहेगा


एक ही भगवान की दो से ज्यादा मूर्ति 


दोस्तों  पूजा स्थल में एक ही भगवान की दो से ज्यादा मूर्तियां रखना भी अच्छा नहीं होता है.  और यह भी मन जाता है, कि एक ही देवता की दो मुर्तिया आमने-सामने रखी हो और  उनके दर्शन किये जाये तो भी जीवन में बार-बार कलेश होता रहता है.  


मंदिर में मूर्ति ऐसी रखे 


 मंदिर में भगवान की ऐसी मूर्ति रखनी चाहिए, जिसमें उनका मुंह हसमुख हो उनका हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में हो, उन्हें  देखते ही ऐसा लगे मानो देवी-देवता की नज़रे बड़े प्यार से हमे देख रही है और उनका हाथ आशीर्वाद देने के लिए उठ रहा है.  देवी-देवता  की  क्रोधित या उदास मूर्ति के दर्शन करने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.


ऐसी मूर्ति के दर्शन न करे 


ऐसी मूर्ति के दर्शन नहीं करना चाहिए जिसमे देवी-देवता किसी का विनाश कर रहे हो या किसी के साथ उनका युद्ध हो रहा हो. कहते है  ऐसी मूर्ति के दर्शन करना हमारे जीवन मे दुःखों का कारण बन सकता है. 




भगवान की मूर्तियों को करे साफ


रोज भगवान की मूर्तियों को जरूर साफ करें, और आप जब भी भगवान की मूर्ति को भोग लगाएं  तो उसके बाद भी मूर्ति को साफ किया करें.  मूर्तियों को साफ करते समय आप गंगा जल और दूध का प्रयोग कर सकते हैं. 


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