जय माता दी दोस्तों

दोस्तों नवरात्रि का पर्व आरंभ होने जा रहा है. घरों में नवरात्रि के पर्व को मनाने के लिए तैयारियां आरंभ हो चुकी हैं. यह तो हम सभी जानते है कि मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना गया है. माँ दुर्गा ही आदि-शक्ति हैं.  माँ दुर्गा को सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली  माना गया है. जीवन में आने वाली हर परेशानियां को दूर करने में मां दुर्गा की पूजा बहुत लाभ दायक माना गया है.




शरद नवरात्रि आरंभ हो रहे हैं


नवरात्रि का पर्व 07 अक्टूबर 2021, गुरुवार से आरंभ हो रहा है.  पंचांग के अनुसार शरद नवरात्रि का पर्व 15 अक्टूबर 2021 को समाप्त होगा . 


दुर्गा पूजा कलश स्थापना 2021




पंचांग के अनुसार 07 अक्टूबर 2021, गुरुवार को कलश स्थापना की जाएगी. इस दिन घटस्थापना मुहूर्त प्रात: 06:17 से प्रात: 07:07 तक कर सकते हैं. वहीं घटस्थापना अभिजित मुहूर्त प्रात: 11:45 से दोपहर 12:32 तक बना हुआ है.


दो तिथियां है


09 अक्टूबर, शनिवार को तृतीया तिथि सुबह 07 बजकर 48 मिनट तक ही रहेगी.इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी, जो कि अगले दिन 10 अक्टूबर (शनिवार) को सुबह 05 बजे तक रहेगी.इस साल दो तिथियां एक साथ लगने के कारण नवरात्रि आठ दिन के पड़ेंगे.


माता रानी की पूजा में लगने वाली पूजन सामग्री




मां दुर्गा की प्रतिमा या फोटो, सिंदूर, केसर, कपूर, धूप,वस्त्र, दर्पण, कंघी, कंगन-चूड़ी, सुगंधित तेल, चौकी, चौकी के लिए लाल कपड़ा, पानी वाला जटायुक्त नारियल, दुर्गासप्‍तशती किताब, बंदनवार आम के पत्तों का, पुष्प, दूर्वा, मेंहदी, बिंदी, सुपारी साबुत, हल्दी की गांठ और पिसी हुई हल्दी, पटरा, आसन, पांच मेवा, घी, लोबान,गुग्गुल, लौंग, कमल गट्टा,सुपारी, कपूर. और हवन कुंड, चौकी, रोली, मौली, पुष्पहार, बेलपत्र, कमलगट्टा, दीपक, दीपबत्ती, नैवेद्य, शहद, शक्कर, पंचमेवा, जायफल,

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