दोस्तो भाग3 के आगे की कहानी बिना किसी देरी के हम आगे बढ़ाते है तो आगे होता ये कि वह लड़की अपने घर ये कहकर जाती है की आज मेरे बुटीक की छुट्टी नहीं है आज मुझे जाना है. 




दरअसल उसे  बुटीक से सप्ताह मे एक छुट्टी मिलती थी लेकिन उस दिन वह अपने प्रेमी के साथ घर मे  झूठ बोलकर जाती है. वो दोनों और उसके प्रेमी के कुछ मित्र मिलकर एक मंदिर मे उसका जन्मदिन मनाते है.

दोस्तो अब कहानी मे एक नया मोड आने वाला था वहा मंदिर मे सबके सामने उसके प्रेमी ने उसकी मांग भर दी, अब होना क्या था लड़की समझ ही नहीं पा रही थी की अचनाक ये क्या कर दिया. लड़की बहुत घबरा गई की अब क्या होगा वह अपने दुपट्टे से सब साफ करने लगी . लड़का कहता है आज से तुम मेरी पत्नी हो तुम जब बोलोगी मे तुम्हें सबके सामने अपना लूंगा लड़की बिना कुछ जबाब दिये अपने माथे पर लगे रंग को पोछते हुए वहा से निकल जाती है.


कई सालों तक लड़की दोनों ही लड़को से रिश्ता बनाये हुए थी. एक दिन उसका पहला प्रेमी भी उससे शादी की जिद्द करने लगा, तो उसने अपने पहले प्रेमी से भी मंदिर मे  चोरी- छिपे कर ली शादी, लेकिन वह रहती थी अपने मायके मे ही, ऐसे ही कुछ दिन चलता रहा.

एक दिन अचानक लड़की और लड़की के दोनों आशिक ये तीनो एक ही जगह इतेफ़ाक से मिल गए उन तीनो मे बहस हुई दोनों ही लड़के लड़की को लेकर लड़ने लगे.




एक बोलता ये मेरी है तो दूसरा कहता ये मेरी है. उनमे बहस बहुत देर तक चलती रही. लड़की बहुत घबरा गई थी उसकी चोरी पकड़ी गई थी. जिससे वह खड़े- खड़े कापने लगी..... शेष कहानी... भाग-5 मे पढ़े

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