दोस्तो आशा है यहाँ तक की कहानी आप लोगो को अच्छी लगी होगी. तो चलिए अब कहानी को आगे बढ़ाते है. जब साहिल ने शिला के सामने शादी का प्रस्ताव रखा तो उसे समझ नहीं आया की वो बोले क्या?  


उस दिन तो शिला कुछ नही बोली बस मुस्कुरा दी, साहिल बोला मुझे तुम्हारे जबाब का इंतजार रहेगा और वो वहा से चला जाता है. कुछ दिन बीत जाते है साहिल फिर उस लड़की के पास जाता है और उससे कहता है बताओ तुमने क्या सोचा फिर?


लड़की बोलती है ठीक है मै तुमसे शादी के लिए तैयार हूँ लेकिन मेरी बहन अभी पढ रही है उसके परीक्षा आने वाले है तब तक मै शादी नही कर सकती. लड़का बोला ठीक है कोई बात नही तुम उसके परीक्षा अच्छे से करवा लो मे इंतजार करूँगा तब तक. 


अब वह दोनों मिलने लगे अपने सुख दुख की बाते करते एक दिन साहिल बोला अब  तुम इस चाय की दुकान मे मत आना मै तुम्हें खर्च के पैसे दिया करूँगा लड़की तब कुछ नही बोली... इसके बाद दो चार दिन बीत गए लड़की चाय की दुकान लगाए बैठी थी तो इतने मे साहिल आया और देखा दुकान मे शीला बैठी थी.


बस क्या था फिर साहिल गया और सब बर्तन फेकने लगा और बोला चलो घर जाओ कोई जरूरत नही यहां बैठने की...... लड़की अपना सारा समान उठा कर चुप चाप चल दी. शिला की बहन  परीक्षा दे चुकी थी. साहिल और शिला ने मंदिर मे शादी कर ली इसके बाद साहिल उन  दोनों को लेकर गाँव चला गया.

साहिल के घर वालो ने भी उन दोनों को अपना लिया  उनकी शादी के एक वर्ष मे सुंदर सी कन्या का जन्म हुआ सारा परिवार खुशी- खुशी मिलकर रहने लगा. साहिल की बहनो का
 भी विवाह हो गया. साहिल की पहली बच्ची जब 2 साल की हुई  तब उसके घर दूसरी बच्ची का जन्म हुआ. 




आज साहिल की ज़िंदगी खुशियों से भरी है......... तो दोस्तो चलिए आजकी कहानी यही खत्म करते है फिर मिलेंगे दूसरे पोस्ट मे नमस्कार 🙏

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